क्या TMC में होने वाला है बड़ा बदलाव? चुनाव आयोग में आमने-सामने पहुंचे दो धड़े

नई दिल्ली। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में सांसद कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष शामिल थीं। वर्तमान में ममता और ऋतब्रत के नेतृत्व वाले धड़े के बीच असली तृणमूल होने का संघर्ष चल रहा है। दोनों ही धड़े अपने-अपने आधारों पर दावा कर रहे हैं। आयोग से मुलाकात का बाद कल्याण बेनर्जी ने कहा, “चुनाव आयोग द्वारा कथित तृणमूल सचिव ऋतुब्रत बनर्जी के एक अभ्यावेदन के आधार पर मांगे गए जवाब को दाखिल कर दिया है। हमने उस पर विस्तृत जवाब दिया है।” उन्होंने बताया कि ऋतब्रत का रुख था कि तृणमूल की कार्यकारी समिति और राष्ट्रीय कार्य समिति का कार्यकाल केवल तीन वर्ष का होता है। इसलिए 2022 में अंतिम तृणमूल समिति और राष्ट्रीय कार्य समिति का गठन हुआ था और इसका कार्यकाल 2025 में समाप्त हो गया। बनर्जी ने आगे बताया कि पार्टी के संविधान में बदलाव कर इसे पांच वर्ष का कर दिया गया था। इसकी सूचना चुनाव आयोग को दी गई थी और उसके बाद चुनाव आयोग ने भी निर्देश दिया है कि जब भी चुनाव होने हों, वे पांच वर्षों के भीतर ही हों। पिछला चुनाव 2022 में हुआ था। इसलिए तृणमूल और उसकी राष्ट्रीय कार्य समिति का कार्यकाल स्वतः ही पांच वर्ष का ही रहता है। यह 2027 में समाप्त हो जाएगा। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस का धड़ा सोमवार को चुनाव आयोग से मिला और बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े की ओर से किए गए दावों का जबाव दिया। तृणमूल प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का कार्यकाल पांच साल का होता है और यह 2027 तक चलेगा। ऋतब्रत ने दावा किया था कि कार्यकाल 3 वर्ष का होता है और यह 2025 में समाप्त हो चुका है।

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