351 सरस्वती धाम अभियान से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की नई रोशनी, 18 राज्यों में 256 भवनों का निर्माण

सूरत। शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से कार्यरत मातुश्री काशीबा हरिभाई गोटी चैरिटेबल ट्रस्ट देश के दूरस्थ, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। ट्रस्ट ने वर्ष 2014 से शुरू हुई अपनी सेवा यात्रा के तहत अब तक देश के 18 राज्यों में 256 सरस्वती धाम (शैक्षणिक भवन) बनाकर शिक्षा की अलख जगाई है, जबकि 351 सरस्वती धाम निर्माण अभियान के लक्ष्य की दिशा में लगातार कार्य जारी है।

शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण पर जोर

ट्रस्ट का उद्देश्य केवल विद्यालय भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में संस्कार, आत्मविश्वास, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देना भी है। ट्रस्ट के संस्थापक श्री केशुभाई हरिभाई गोटी का मानना है कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक प्रगति का आधार है तथा प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी क्षेत्र में रहता हो।

चार प्रमुख अभियानों से समाज सेवा

ट्रस्ट वर्तमान में चार प्रमुख अभियानों के माध्यम से सेवा कार्य संचालित कर रहा है। इनमें 351 सरस्वती धाम निर्माण अभियान, शिक्षा साथी अभियान, कुपोषण मुक्ति अभियान और वैचारिक क्रांति अभियान शामिल हैं।

शिक्षा साथी अभियान के तहत देशभर के विद्यालयों और आश्रमों में भवन विस्तार, भोजन कक्ष, पुस्तकालय, प्रार्थना कक्ष, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक इस अभियान के अंतर्गत 121 से अधिक सेवा कार्य पूरे किए जा चुके हैं तथा कई परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

वहीं कुपोषण मुक्ति अभियान के माध्यम से प्रतिदिन 40 हजार से अधिक आदिवासी बच्चों को पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार इस पहल से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ उनकी पढ़ाई में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

फरवरी 2023 में शुरू किए गए वैचारिक क्रांति अभियान के तहत अब तक 110 से अधिक सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को जीवन मूल्यों, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक किया गया है।

सहयोगी दाताओं की भागीदारी से आगे बढ़ रहा अभियान

ट्रस्ट के अनुसार प्रत्येक शैक्षणिक भवन के निर्माण में 50 प्रतिशत राशि ट्रस्ट वहन करता है, जबकि शेष 50 प्रतिशत सहयोगी दाताओं के सहयोग से जुटाई जाती है। विशेष बात यह है कि निर्मित भवनों का नाम ट्रस्ट या संस्थापक के बजाय सहयोगी दाताओं के नाम पर समर्पित किया जाता है। ट्रस्ट ने समाज के सेवा भाव रखने वाले लोगों से इस अभियान से जुड़कर शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील भी की है।

पूर्व विधायक डॉ. जय प्रकाश गुप्ता ने की संस्था के प्रयासों की तारीफ

इस दौरान रांची के पूर्व विधायक डॉ. जय प्रकाश गुप्ता ने संस्था के अध्यक्ष केसूभाई भगत गोटीजी के साथ साथ उनके सहयोगी पुरूषोत्तम भाई जी बोरदा तथा अन्य से सूरत में मुलाकात कर उनके द्वारा किये जा रहे सामाजिक कार्यो की सराहना की और कार्यक्रमों के संबंध में जाना एवं उनके बिहार तथा झारखंड के प्रोजेक्ट्स में हर संभव योगदान देने की बात कही।

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