टोक्यो। भूकंप प्रभावित देशों में सुरक्षित आवास विकसित करने की दिशा में जापान ने एक अनोखी तकनीक विकसित की है। ‘एयर डानशिन’ नामक इस प्रणाली के जरिए भूकंप के झटके महसूस होते ही पूरा घर कुछ सेंटीमीटर तक हवा में उठ जाता है। इससे भवन पर पड़ने वाले झटकों का असर काफी कम हो जाता है और नुकसान की आशंका घटती है।
सेंसर मिलते ही सक्रिय हो जाता है सिस्टम
एयर डानशिन तकनीक में घर के नीचे विशेष एयर चैंबर लगाया जाता है। सामान्य स्थिति में यह बंद रहता है, लेकिन जैसे ही सेंसर भूकंप के शुरुआती झटकों का पता लगाता है, चैंबर में संपीड़ित हवा भर दी जाती है। इससे पूरा घर लगभग 3 सेंटीमीटर तक ऊपर उठ जाता है और जमीन के तेज कंपन का प्रभाव सीधे भवन तक नहीं पहुंचता।
भूकंप समाप्त होने के बाद यह प्रणाली घर को धीरे-धीरे वापस अपनी मूल स्थिति में सुरक्षित तरीके से स्थापित कर देती है।
आधे से एक सेकंड में शुरू हो जाती है प्रक्रिया
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रणाली भूकंप का संकेत मिलने के महज 0.5 से 1 सेकंड के भीतर सक्रिय हो जाती है। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी यह तकनीक काम करती रहे, इसके लिए इमरजेंसी बैटरी बैकअप की व्यवस्था की गई है।
90 से अधिक घरों में हो रहा उपयोग
जापान में इस तकनीक का इस्तेमाल अब तक 90 से अधिक घरों में किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, पारंपरिक भूकंप सुरक्षा प्रणालियों की तुलना में इसकी लागत लगभग एक-तिहाई है। इसी तकनीक के बड़े संस्करण औद्योगिक इकाइयों और अनुसंधान केंद्रों के लिए भी विकसित किए गए हैं।
लाइव परीक्षण में सफल रहा सिस्टम
कंपनी ने इस तकनीक का लाइव परीक्षण भी किया। एक तैयार घर में कांच के बर्तन और अन्य घरेलू सामान रखकर कृत्रिम भूकंप उत्पन्न किया गया। परीक्षण के दौरान भूकंप शुरू होते ही घर हवा में उठ गया और अंदर रखा कोई भी कांच का सामान नहीं टूटा।
हालांकि, विशेषज्ञ अभी भी इस तकनीक की क्षमता का अध्ययन कर रहे हैं कि अत्यधिक तीव्र और बहुदिशात्मक भूकंप के दौरान यह प्रणाली कितनी प्रभावी साबित होती है।
